अकाली भाजपा कुडंली में “स” फैक्टर !

क्या "स" फैक्टर डुबोयेगा नैय्या

अकाली भाजपा कुडंली में “स” फैक्टर ! October 2, 2017

गुरदासपुर उपचुनाव सिर पर है … हर पार्टी एडी चोटी का जोर लगा चुनावी हवा को अपने पक्ष में करने की कोशिश में पसीना बहा रही है…लेकिन ऐसे में अकाली भाजपा के पूर्व मंत्री रहे लंगाह की करतूत ने चुनावी फिजां में नई सुगबुगाहट शुरू कर दी है…

कहीं “स” फैक्टर ही तो पार्टी की किरकरी की वजह तो नहीं, कहीं यहीं “स” फैक्टर पार्टी की नैय्या तो नहीं ले डूबेगा…क्यों के “स” फैक्टर का तालमेल पार्टी से बैठता दिखाई नहीं पड़ रहा…

सबसे पहले सुच्चा सिंह लंगाह के नाम के पहले अक्षर पर गौर कीजिए…वह स से ही शुरू होता है…और सुच्चा जिस कांड में फंसे है वो है सेक्स कांड, उसका पहला अक्षर भी स है, यानि सुच्चा सेक्स स्केंडल में स ही है जो पार्टी की कुडंली में राहु ती तरह मंडरा रहा है….

अब गुरदासपुर के उपचुनाव का “ स” फैक्टर कनेक्शन देखिए…गुरदासपुर से पार्टी ने प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा है स्वर्ण सिंह सलारिया…उनका नाम भी “स” से ही शुरू होता है…ऐसे में पार्टी को सोचना होगा कि “स”  फैक्टर पार्टी की कुडंली में राहु बन आ बैठा है…

इन सब की बात तो छोड़िए पार्टी के प्रधान है सुखबीर बादल, जिनका खुद का नाम “स”  से शुरू होता है…लेकिन अब “स”  वाले सुच्चा के चलते पार्टी बदनाम हुई…तो “स” अक्षर से शुरू होने वाली पार्टी के प्रधान सुखबीर बादल ने सुच्चा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है…

कोई स सेक्स स्केंडल में फंस रहा है तो कोई स चुनावी रण में डटा हुआ है…तो वहीं पार्टी का प्रधान “स” अब प्रचार के लिए निकल चुका है…लेकिन स फैक्टर के असर में घिरी अकाली भाजपा की कवायद का क्या नतीजा निकलता है ये तो 15 अक्तूबर को साफ हो ही जाएगा…लेकिन सच है के स फैक्टर अकाली भाजपा की कुडंली में राहु बन कर घूम रहा है…

 

 

 

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