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इस दौरे सियासत का बस इतना फ़साना है ! बस्ती भी जलानी है, मातम भी मनाना है |

इस दौरे सियासत का बस इतना फ़साना है ! बस्ती भी जलानी है, मातम भी मनाना है | August 26, 2017

पंचकूला में सरेआम सड़को पर तांडव था ,सरकार को पता था लेकिन जो सरकार एक बलात्कारी के पैर छूती हो ,जो सरकार अपने ख़ज़ाने को उस बलात्कारी को देती है ,जो सरकार उसकी तारीफों के पुल बांधती हो ,उससे यही उम्मीद थी की सब बर्बादी भी हो जाए तब भी आँखे मूँद कर वो रखेगी |
जब चुनाव था तो बीजेपी गुरमीत के चरणों में थी |
हिंदुस्तान के जिस कानून ने इस व्यक्ति को बलात्कारी घोषित किया ,उस पर अभी तक बीजेपी ने बयां नहीं दिया है ,जो सबसे मुखर पार्टी है उसके होठ सिले हुए है ,कारण आप सब जानते है ,कर्फ्यू के बावजूद सैकड़ो गाड़ियों का काफिला गुरमीत के साथ पुरे हरियाणा होते हुए पंचकूला आया ,धारा 144 का सरेआम उलंघन हुआ ,और हमारी चुनी हुयी सरकार आँख बंद कर बैठी रही |

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