तू कौन – मै ख्वामखाह !

मंदिर के नाम पर धधकती सियासत

तू कौन – मै ख्वामखाह ! November 14, 2017

सियासतदानों और कथिता बाबाओं ने अयोध्या जो कि राम लल्ला की जन्म भूमि है उसे सियासत का अखाड़ा बना दिया है और मंदिर को राजनीतिक रोटियां सेंकने वाला तपता मुद्दा…इसी मुद्धे को भुनाने के चक्कर में बीजेपी रातदिन एक करने में लगी है…वहीं अपने आप को श्री श्री कहने वाला रवि शंकर भी इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कोशिश में लगे होने की बात कह रहे है…और इसी के तहत वे 16 नवबंर को अयोध्या पहुंचने की बात कह चुके है…

लेकिन सीएपीएम नेता वृंदा करात ने इस बात पर श्री श्री को लताड़ लगाते हुए नसीहत दी है कि जब मामला कोर्ट के अधीन है तो वो सबसे पहले कोर्ट में कहें कि मै बातचीत कर रहा हूं…भला कोई ऐसा कैसे कह सकता है या उसको क्य़ा अधिकार है इसलिए इस मामले में किसी भी श्री श्री की मध्यस्थता की कोई जरूरत ही नहीं…

लेकिन कोरेस्पोंडेंट के सूत्रों के हवाले से खबर है कि इसी मुद्दे को लेकर भाजपा के दो कद्दावर नेताओं से दिल्ली में तू कौन और ख्वामखाह की मुलाकात हुई थी…जिसमें राम मंदिर मुद्दे को लेकर चर्चा हुई और रवि शंकर का मध्यस्थता करना उसी रणनीति का हिस्सा है…असल मुद्दा है राजनीति,गुजरात चुनाव से पहले भाजपा राम मंदिर के मुद्दे को हल करवा गुजरात चुनाव के दौरान उस पर खूब राजनीतिक रोटियां सेंक सकती है….

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