The Correspondent

राख The Burning Soul फिल्म ने खोली चंडीगढ़ प्रशासन की आँखे|नोकिया 8 पहुंचा भारत, अब मिलने लगेगा बाजार में|National workshop on “Sports for All” in New Delhi|Air Chief Marshal on an official visit to USA|अब एंबुलेंस पर नहीं होगी मुख्यमंत्री की तस्वीर|ईडी ने कार्ति चिदंबरम पर कसा शिकंजा|नहीं बनेगी नई पार्टी : मुलायम सिंह|पंजाब युनिवर्सिटी सीनेट बैठक से वीसी ने किया वॉक आउट !|सऊदी के शासक की तस्वीर बन गई मज़ाक|अखाड़ा परिषद ने जारी की फर्जी बाबाओं की लिस्ट जानिए कौन कौन है?|बॉलीवुड प्रोड्यूसर ने किया सरेंडर|आखिर कब रूकेगे रेल हादसे ?|गुरदासपुर में सियासी पारा चढ़ा|सीबीआई पहुंची 'रयान इंटरनेशनल स्कूल'|मीडिया के सामने छलका हनीप्रीत के पूर्व हनी का दर्द

बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है,|

किस-किस को याद कीजिये, किस-किस को रोइये,
आराम बड़ी चीज़ है, मुँह ढक के सोइये !

बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है,| August 27, 2017

भूपेंद्र नारायण सिंह |

बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है,
हर शाख पे उल्लू बैठें हैं अंजाम ऐ गुलिस्तां क्या होगा”

Image may contain: outdoor

उल्लू कौन ? शाख कौन? गुलिस्तां कौन ?
शाख हरियाणा सरकार की टूटी है ,गुलिस्तां पंचकूला वासियों की उजड़ा है ,और उल्लू कौन है ये आप खुद करे | ये पब्लिक है सब जानती है।

Image may contain: fire

ये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता है ,जो आज के लिए फिट बैठती है….

चौराहे पर लुटता चीर
प्यादे से पिट गया वजीर
चलूँ आखिरी चाल कि बाजी छोड़ विरक्ति सजाऊँ?
राह कौन सी जाऊँ मैं?Image may contain: tree, outdoor and nature
सपना जन्मा और मर गया
मधु ऋतु में ही बाग झर गया
तिनके टूटे हुये बटोरूँ या नवसृष्टि सजाऊँ मैं?
राह कौन सी जाऊँ मैं?Image may contain: one or more people, tree, motorcycle and outdoor
दो दिन मिले उधार में
घाटों के व्यापार में
क्षण-क्षण का हिसाब लूँ या निधि शेष लुटाऊँ मैं?
राह कौन सी जाऊँ मैं ? (अटल बिहारी वाजपेयी )

Image may contain: tree and outdoor

 

 

 

Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

Leave a Reply