बाप और बेटे की मुश्किल बढ़ी|

बाप और बेटे की मुश्किल बढ़ी| August 8, 2017

कल तक केंद्रीय बी जे पी के नेता कह रहे थे कि बेटे की करतूत से बाप का क्या लेना देना आज वही नेता चुपचाप बैठे है ,जो नेता कह रहे थे की युवती इतनी रात को बाहर क्यों निकली उनके ही आस पास के लोगो ने उनकी खूब निंदा की और वो तथाकतित नेता को आलाकमान ने शांत कर दिया है|
अब चंडीगढ़ में घर घर में पुलिस की नाकामी की चर्चा है,और पुलिस बैकफुट पर है,कई संघठन प्रदर्शन कर रहे है,और कई राज्यपाल को शिकायते भेज रहे है ,बीजेपी के दो सांसदों ने सुभास बराला को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है,उनमे राज कुमार सैनी और अश्वनी चोपड़ा है,सासंद अनुराग ठाकुर ने भी मामले में अपनी बेबाक राय दी है,सुब्रमण्यम स्वामी अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे ,चंडीगढ़ के कई वकील भी अपने दस्तावेज चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ तैयार कर रखे है,एक ट्वीट के बाद चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर शांत है ,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी परेशान है ,ऐसे में तय ही की चंडीगढ़ पुलिस नयी धाराओं के साथ विकास बराला को घेरेगी,
नैतिकता यही है की बाप बेटे समाज में एक सन्देश देने के लिए पिता अपने पद से इस्तीफा दे और पुत्र पुलिस के सामने पेश हो |

एक कहावत है,-“पूत कपूत तो क्यो धन संचे, पूत सपूत तो क्यो धन संचे”अर्थार्थ अगर बेटा कुपुत्र है तो उसके लिये धन संचय क्यो किया जाय, वो तो उसे गलत कामो मे उडा देगा और अगर पूत सपूत है तब भी धन क्यो संचय किया जाय वो तो स्वयम अपनी काबलियत से आप से अधिक कमा सकेगा.

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