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हे हनी तू छिपी है कहां ?

टीवी पर चौबीसों घंटे तुम्ही तुम-जनता से जुड़े मुद्दे गायब

हे हनी तू छिपी है कहां ? September 20, 2017

” हनी – हनी ”

हे हनीप्रीत तुम्हारे चक्कर में देश के नामी ग्रामी चैनेल ने पूरा नेपाल छान मारा है, कई बार तो एहसास होता कि मानो ये सभी चैनल अब नेपाल से ही चल रहे हो ! सुबह से लेकर रात तक सिर्फ तुम तुम और तुम ही इन चैनलों पर दिख रही हो…तुम्हारी फिल्मों का जिक्र इतना नहीं हुआ जितना अब टीआरपी के चक्कर में हो रहा है…

तुम्हारे चक्कर में तमाम मुद्दे दब गए…हरियाणा पुलिस सब काम धाम छोड़ कर तुम्हे ढूंढ रही है…

हे हनीप्रीत तुम्हारे चक्कर में किसानों के मुद्दे दब गए…पंजाब के किसानों ने आलू की बंपर फसल को चंडीगढ़ और मोहाली की सीमा पर फेंक दिया…लेकिन किसी भी चैनल ने इसे नहीं दिखाया क्यों कि तुम्हारे औऱ बाबा के सच्चे सौदे ने सब दबा रखा है….हर टीवी  चैनल सुबह से लेकर शाम तक तुम्हारे नाम की माल जप रहा है…तुम ही तो छाई हो सब जगह…अच्छा अब बता भी दो कहां हो हनी ?

पेट्रोल और डीजल के दाम बेहद बढ़ रहे है और इसका कोई भी मुद्दा नहीं बन पाया…क्यों कि टीवी चैनलों के लिेेए इस वक्त मुद्दे नहीं बस तुम जरूरी हो…शायद इसीलिए देश का बड़े से बड़ा और छोटे से छोटा पत्रकार तुम्हे ही ढूंढने मे ंलगा है…

नितीश कुमार का 390 करोड़ की लागत से बना पुल उद्घाटन से पहले ही ढह गया…लेकिन हाय री किस्मत ! देश का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया को कुछ दिखता ही नहीं …कुछ याद ही नहीं…बस याद है या फिर तलाश है तो हनीप्रीत की…हर चैनल कह रहा, पुकार रहा , हे हनी ! हे हनी ….

दुख तो तब हुआ जब उत्तर प्रेदश के एक अन्नदाता को योगी सरकार ने एक पैसे का मुआवजा दे बड़ा एहसान किया है…लेकिन ख़बरची पत्रकार और खबरिया चैनलों ने इसे बिल्कुल नहीं दिखाया….क्यों कि सब नेपाल की वादियों में सच्चा सौदा करवाने वाली हसीना हनीप्रीत को ढूंढ रहे है…

इस लिए अब तुम आ ही जाओ क्यों कि तुम्हे चौबीसों घंटे टीवी पर देख देख अब जनता पक चुकी है…और उससे जुड़े मुद्दों को अब चैनलों पर खबर के रूप में देखना चाहती है…

 

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