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50 दिन से दार्जिलिंग ठप्प है,ज़रा यहाँ भी ध्यान दे सरकार |

50 दिन से दार्जिलिंग ठप्प है,ज़रा यहाँ भी ध्यान दे सरकार | August 3, 2017

इंटरनेट सेवाएं ठप्प है, टूरिस्ट का आना-जाना बंद है ,तकरीबन 90 से ज्यादा चाय बागान कई दिनों से बंद है, करोड़ों की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है ये हाल है दार्जिलिंग का ,आज 50 दिन से दार्जिलिंग में जन जीवन असामान्य है | अब तक का ये सबसे ज्यादा दिनों तक यह धरना प्रदर्शन है। दार्जिलिंग के इस प्रदर्शन से सबसे ज्यादा असर खान-पान और रसद पर हुआ है, दूरदराज के इलाकों में लोगों को फूड सप्लाई ना होने से सामान्य जन जीवन में दिक्कतें
पड़ रही हैं ,प्रदर्शन से कईयों के रोजगार खत्म हो गए हैं | अलग गोरखालैंड राज्य का मांग कर रहे हैं लोग जून महीने से ही प्रदर्शन कर रहे हैं,और यह प्रदर्शन उग्र तब ज्यादा हो गया जब ममता सरकार ने स्कूलों में बंगाली पढ़ने और पढ़ाने के लिए अनिवार्य कर दिया था | दार्जिलिंग के प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभावित सिक्किम है | 50 दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन में न ममता सरकार ने कुछ पहल की ना ही केंद्र सरकार ने| हालत तब और खराब हो गए जब राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस मुद्दे पर आमने-सामने हो गए | दार्जिलिंग की सड़कों पर अब पुलिस, अर्धसैनिक बल और कुछ जगहों पर सेना की टुकड़ियां मौजूद है|
क्वीन ऑफ हिल्स कहे जाने वाले दार्जिलिंग में अब चारों तरफ सन्नाटा है ,जहां पर टूरिस्टों की भरमार होती थी अब वहां सुनसान है,चाय की खुशबु गायब है ,छुकछुक करती रेलगाड़ी की सीटी अब सुनाई नहीं देती | सबको इंतेज़ार है की अमन,शांति की जो फिलहाल दिखाई नहीं देती |

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