Opinion

जब दिवाली- रमज़ान ,शमशान- कब्रिस्तान ही चुनावी मुद्दे थे ,तो उम्मीद भी वैसी ही करनी चाहिए |

इसमें  कोई दो राय  नहीं है की योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में हालत को नहीं संभाल पा रहे है |
उत्तर प्रदेश में के एक छोर पर  सहारनपुर में तनाव है, तो दूसरे छोर पर बलिया में हत्याए हो रही है | उत्तर प्रदेश के बीचो बीच नेशनल हाईवे पर अपहरण हो रहे है |

योगी को ऐसा लगता है की अखिलेश यादव अभी भी मुख्यमंत्री है ,बनारस में मंदिर का दर्शन करने के बाद योगी ने  पत्रकारों से कहा की अखिलेश यादव की वजह से हालत ख़राब हुए है ,और उन्हें विरसत में जंगल राज मिला हुआ है |

योगीजी आपको उत्तर प्रदेश की जनता ने प्रचंड बहुमत दिया है, विरासत नहीं| हालत पर आप काबू नहीं कर पा रहे है और दोष दूसरे के सिर मढ़ रहे है |
जब मायावती आयी तो मायावती का हाथ ,अब अखिलेश का हाथ ,इसी तरह जब मुज़्ज़फरनगर दंगे हुए थे, उस वक़्त बी जे पी के अध्यक्ष अमित शाह ने बदले की बात कही और उन पर मुकदमा दर्ज़ हो गया था ,बाद में वो बरी हो गए थे |
चुनाव के  वक़्त  चाहे प्रधानमंत्री हो या योगी दोनों लोगो के भाषण में दिवाली- रमज़ान ,शमशान- कब्रिस्तान मुद्दे थे | जब मुद्दे विभाजन के थे तो सहारनपुर में विभाजन होना कोई बड़ी बात नहीं |
अब जब सत्ता है तो विकास की बात होनी चाहिए और उसके लिए कानून व्यवस्था सही कारन सबसे अहम् है | योगी राज में अधिकारी चुप छाप बैठे है और उत्तर प्रदेश डरा हुआ है |

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